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الشعراء

आयत 50

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالُوا۟ لَا ضَيْرَ ۖ إِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا مُنقَلِبُونَ ﴿٥٠﴾

जादूगरों ने फ़िरऔन से कहा : इस संसार में हाथ-पैर काटने तथा सूली पर चढ़ाने की जो तू हमें धमकी दे रहा है, उसमें कोई नुक़सान नहीं। क्योंकि तेरी यातना बीत जाएगी और हम अपने रब ही की ओर पलटने वाले हैं, और वह हमें अपनी शाश्वत दया में प्रवेश करेगा।