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الشعراء

आयत 51

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنَّا نَطْمَعُ أَن يَغْفِرَ لَنَا رَبُّنَا خَطَـٰيَـٰنَآ أَن كُنَّآ أَوَّلَ ٱلْمُؤْمِنِينَ ﴿٥١﴾

हम आशा करते हैं कि अल्लाह हमारे उन पिछले पापों को मिटा देगा जो हमने किए थे क्योंकि हम मूसा पर सबसे पहले ईमान लाने वाले और उनको सच्चा मानने वाले बने हैं।