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الفجر

आयत 25

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَيَوْمَئِذٍ لَّا يُعَذِّبُ عَذَابَهُۥٓ أَحَدٌ ﴿٢٥﴾

उस दिन अल्लाह की यातना की तरह कोई यातना नहीं देगा, क्योंकि अल्लाह की यातना अधिक गंभीर और स्थायी है।