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المائدة

आयत 15

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

يَـٰٓأَهْلَ ٱلْكِتَـٰبِ قَدْ جَآءَكُمْ رَسُولُنَا يُبَيِّنُ لَكُمْ كَثِيرًا مِّمَّا كُنتُمْ تُخْفُونَ مِنَ ٱلْكِتَـٰبِ وَيَعْفُوا۟ عَن كَثِيرٍ ۚ قَدْ جَآءَكُم مِّنَ ٱللَّهِ نُورٌ وَكِتَـٰبٌ مُّبِينٌ ﴿١٥﴾

ऐ किताब वालो! अर्थात् तौरात वाले यहूदियो और इंजील वाले ईसाइयो! तुम्हारे पास हमारे रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आ चुके हैं, जो तुम्हारे लिए उनमें से बहुत-सी बातों को स्पष्ट रूप से बयान करते हैं, जो तुम अपने ऊपर उतरने वाली किताब में से छिपाया करते थे, तथा उसमें से बहुत कुछ नज़रअंदाज़ कर देते हैं जिसमें तुम्हें बेनक़ाब करने के सिवा कोई लाभ नहीं। क़ुरआन तुम्हारे पास अल्लाह की ओर से एक पुस्तक के रूप में आया है, और यह एक प्रकाश है जिससे प्रकाश प्राप्त किया जाता है, तथा हर उस चीज़ के लिए एक स्पष्ट पुस्तक है, जिसकी लोगों के अपने सांसारिक और आख़िरत के मामलों में आवश्यकता होती है।