तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِن تُعَذِّبْهُمْ فَإِنَّهُمْ عِبَادُكَ ۖ وَإِن تَغْفِرْ لَهُمْ فَإِنَّكَ أَنتَ ٱلْعَزِيزُ ٱلْحَكِيمُ ﴿١١٨﴾
(ऐ मेरे पालनहार!) यदि तू उन्हें दंड दे, तो बेशक वे तेरे बंदे हैं, तू उनके साथ जो चाहे करे, और यदि तू उनमें से ईमान लाने वालों पर उपकार करते हुए उन्हें क्षमा कर दे, तो कोई तुझे उससे रोकने वाला नहीं। क्योंकि तू सबपर प्रभुत्वशाली है जिसे पराजित नहीं किया जा सकता, तथा अपने प्रबंधन में हिकमत वाला है।