तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَجَعَلُوا۟ ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ ٱلَّذِينَ هُمْ عِبَـٰدُ ٱلرَّحْمَـٰنِ إِنَـٰثًا ۚ أَشَهِدُوا۟ خَلْقَهُمْ ۚ سَتُكْتَبُ شَهَـٰدَتُهُمْ وَيُسْـَٔلُونَ ﴿١٩﴾
उन्होंने फ़रिश्तों को, जो कि परम दयालु अल्लाह के बंदे हैं, नारी ठहरा लिया है। क्या वे उस समय उपस्थित थे जब अल्लाह ने उन्हें बनाया था, इसलिए उन्हें पता चल गया कि वे नारी हैं?! फ़रिश्ते उनकी इस गवाही को लिख लेंगे और वे क़ियामत के दिन इसके बारे में पूछे जाएँगे तथा उनके झूठ बोलने के कारण इसपर उन्हें यातना दी जाएगी।