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الزخرف

आयत 18

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَوَمَن يُنَشَّؤُا۟ فِى ٱلْحِلْيَةِ وَهُوَ فِى ٱلْخِصَامِ غَيْرُ مُبِينٍ ﴿١٨﴾

क्या वे अपने पालनहार की ओर उसकी निस्बत करते हैं, जो आभूषणों में पलती है और वह अपने स्त्रीत्व के कारण विवाद के समय खुलकर बात (भी) नहीं कर सकती?!