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الشورى

आयत 50

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَوْ يُزَوِّجُهُمْ ذُكْرَانًا وَإِنَـٰثًا ۖ وَيَجْعَلُ مَن يَشَآءُ عَقِيمًا ۚ إِنَّهُۥ عَلِيمٌ قَدِيرٌ ﴿٥٠﴾

आकाशों और धरती का राज्य अल्लाह ही का है। वह जो चाहे, पुरुष या महिला या इसके अलावा, पैदा करता है। वह जिसे चाहता है बेटियाँ देता है और बेटों से वंचित कर देता है। तथा वह जिसे चाहता है बेटे देता है और बेटियों से वंचित कर देता है। या जिसे वह चाहता है बेटे और बेटियाँ दोनों एक साथ देता है। तथा जिसे वह चाहता है बाँझ बना देता है कि उसकी कोई संतान नहीं होती। निश्चय ही वह जानता है जो कुछ हो चुका और जो कुछ भविष्य में होगा। यह उसके ज्ञान की पूर्णता और उसकी हिकमत की पूर्णता से है। उससे कुछ भी छिपा नहीं है और न ही कोई चीज़ उसे अक्षम कर सकती है।