तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّ ٱللَّهَ يَأْمُرُكُمْ أَن تُؤَدُّوا۟ ٱلْأَمَـٰنَـٰتِ إِلَىٰٓ أَهْلِهَا وَإِذَا حَكَمْتُم بَيْنَ ٱلنَّاسِ أَن تَحْكُمُوا۟ بِٱلْعَدْلِ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ نِعِمَّا يَعِظُكُم بِهِۦٓ ۗ إِنَّ ٱللَّهَ كَانَ سَمِيعًۢا بَصِيرًا ﴿٥٨﴾
अल्लाह तुम्हें आदेश देता है कि अपने पास अमानत के रूप में रखी हुई हर चीज़ को उसके मालिक तक पहुँचा दो। तथा तुम्हें यह आदेश देता है कि जब तुम लोगों के बीच फैसला करो, तो न्याय के साथ फैसला करो। तथा फैसला करते समय पक्षपात अथवा अत्याचार से काम न लो। अल्लाह तुम्हें कितनी अच्छी नसीहत करता है और तुम्हारी सभी परिस्थितियों में उसकी ओर मार्गदर्शन करता है। निःसंदेह अल्लाह तुम्हारी बातों को सुनने वाला और तुम्हारे कार्यों को जानने वाला है।