तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ سَنُدْخِلُهُمْ جَنَّـٰتٍ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ خَـٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدًا ۖ لَّهُمْ فِيهَآ أَزْوَٰجٌ مُّطَهَّرَةٌ ۖ وَنُدْخِلُهُمْ ظِلًّا ظَلِيلًا ﴿٥٧﴾
जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और उसके रसूल का पालन किया, तथा अच्छे कर्म किए, हम उन्हें क़यामत के दिन ऐसी जन्नतों में दाख़िल करेंगे, जिनके महलों के नीचे से नहरें प्रवाहित होंगी, जिनमें वे हमेशा रहेंगे। उनके लिए उन जन्नतों में हर गंदगी से पवित्र पत्नियाँ होंगी। तथा हम उन्हें एक घनी, विस्तारित छाया में रखेंगे, जिसमें गर्मी होगी न सर्दी।