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القصص

आयत 34

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَأَخِى هَـٰرُونُ هُوَ أَفْصَحُ مِنِّى لِسَانًا فَأَرْسِلْهُ مَعِىَ رِدْءًا يُصَدِّقُنِىٓ ۖ إِنِّىٓ أَخَافُ أَن يُكَذِّبُونِ ﴿٣٤﴾

और मेरा भाई हारून बोलने में मुझसे अधिक स्पष्ट है। इसलिए उसे मेरे साथ मेरा सहायक बनाकर भेज कि वह मेरी बात में मेरा समर्थन करे, यदि फ़िरऔन और उसकी जाति वाले मुझे झुठला दें। मुझे भय है कि वे मुझे झुठला देंगे, जिस तरह कि उन समुदायों की रीति रही है जिनके पास मुझसे पहले रसूल भेजे गए, तो उन्होंने उन रसूलों को झुठला दिया।