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القصص

आयत 33

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالَ رَبِّ إِنِّى قَتَلْتُ مِنْهُمْ نَفْسًا فَأَخَافُ أَن يَقْتُلُونِ ﴿٣٣﴾

मूसा अलैहिस्सलाम ने अपने रब से प्रार्थना करते हुए कहा : मैंने उनमें से एक व्यक्ति को मार डाला था। इसलिए मुझे डर है कि अगर मैं उनके पास उन्हें वह संदेश पहुँचाने के लिए गया, जिसे देकर मुझे भेजा गया है, तो वे मुझे मार डालेंगे।