×
الشعراء
आयत 202
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَيَأْتِيَهُم بَغْتَةً وَهُمْ لَا يَشْعُرُونَ ﴿٢٠٢﴾
सो यह यातना उनपर अचानक आ पड़े, और वे इसके आने से वाक़िफ़ न हों यहाँ तक कि यह अचानक उन्हें धर ले।
पिछली आयत
अगली आयत