तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَا يُؤْمِنُونَ بِهِۦ حَتَّىٰ يَرَوُا۟ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَلِيمَ ﴿٢٠١﴾
वे अपने कुफ़्र से टस से मस नहीं होंगे और ईमान नहीं लाएँगे, यहाँ तक कि वे दर्दनाक यातना देख लें।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَا يُؤْمِنُونَ بِهِۦ حَتَّىٰ يَرَوُا۟ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَلِيمَ ﴿٢٠١﴾