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الشعراء

आयत 102

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَلَوْ أَنَّ لَنَا كَرَّةً فَنَكُونَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ ﴿١٠٢﴾

काश हमें एक बार दुनिया के जीवन में लौटने का अवसर मिल जाता, तो हम अल्लाह पर ईमान रखने वालों में से हो जाते।