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الشعراء
आयत 101
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَا صَدِيقٍ حَمِيمٍ ﴿١٠١﴾
और न हमारा कोई सच्चा मित्र है, जो हमारा बचाव करे और हमारे लिए सिफ़ारिश करे।
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