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طه

आयत 1

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ طه ﴿١﴾

(ता, हा) इन जैसे अक्षरों के बारे में सूरतुल-बक़रा के आरंभ में बात की जा चुकी है।