तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِذِ ٱبْتَلَىٰٓ إِبْرَٰهِـۧمَ رَبُّهُۥ بِكَلِمَـٰتٍ فَأَتَمَّهُنَّ ۖ قَالَ إِنِّى جَاعِلُكَ لِلنَّاسِ إِمَامًا ۖ قَالَ وَمِن ذُرِّيَّتِى ۖ قَالَ لَا يَنَالُ عَهْدِى ٱلظَّـٰلِمِينَ ﴿١٢٤﴾
उस समय को याद करो, जब अल्लाह ने इबराहीम अलैहिस्सलाम को उन आदेशों और कर्तव्यों के द्वारा आज़माया, जिनका उन्हें आदेश दिया था, तो उन्होंने उनका निष्पादन किया और उन्हें पूर्णतम रूप से अंजाम दिया। अल्लाह ने अपने नबी इबराहीम अलैहिस्सलाम से कहा : मैं तुम्हें लोगों के लिए आदर्श बनाने वाला हूँ, ताकि तुम्हारे क्रियाकलापों और आचार-व्यवहार में तुम्हारा अनुकरण किया जाए। इबराहीम अलैहिस्सलाम ने कहा : ऐ मेरे पालनहार! मेरी औलाद में से भी कुछ लोगों को इमाम बना, जिनका लोग अनुकरण करें। अल्लाह तआला ने उन्हें उत्तर देते हुए कहा : मेरा तुम्हारे लिए धर्म की पेशवाई का वचन, तुम्हारे वंश के अत्याचारियों को नहीं पहुँचता।