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الكهف

आयत 34

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَكَانَ لَهُۥ ثَمَرٌ فَقَالَ لِصَـٰحِبِهِۦ وَهُوَ يُحَاوِرُهُۥٓ أَنَا۠ أَكْثَرُ مِنكَ مَالًا وَأَعَزُّ نَفَرًا ﴿٣٤﴾

और इन दो बाग़ों के मालिक के पास अन्य धन और फल भी थे। चुनाँचे उसने गर्व करते हुए अपने मोमिन साथी से, जबकि वह उसे प्रभावित करने के लिए उससे संबोधित था, कहा : मैं तुमसे अधिक धनवान, तुमसे बढ़कर सम्मान वाला और तुमसे ज़्यादा शक्तिशाली बिरादरी वाला हूँ।