तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ثُمَّ أَوْحَيْنَآ إِلَيْكَ أَنِ ٱتَّبِعْ مِلَّةَ إِبْرَٰهِيمَ حَنِيفًا ۖ وَمَا كَانَ مِنَ ٱلْمُشْرِكِينَ ﴿١٢٣﴾
फिर (ऐ रसूल!) हमने आपकी ओर वह़्य (प्रकाशना) की कि तौहीद, मुश्रिकों से अलग होने, अल्लाह की ओर बुलाने और उसकी शरीयत पर अमल करने के मामले में, इबराहीम अलैहिस्सलाम के तरीक़े का अनुसरण करें, जो समस्त धर्मों से विमुख होकर इस्लाम धर्म की ओर एकाग्र थे, तथा वह कभी भी मुश्रिकों में से नहीं थे जैसाकि मुश्रिकों का दावा है, बल्कि वह एक अल्लाह की इबादत करने वाले थे।