तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَا تَفَرَّقَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْكِتَـٰبَ إِلَّا مِنۢ بَعْدِ مَا جَآءَتْهُمُ ٱلْبَيِّنَةُ ﴿٤﴾
यहूदी जिन्हें तौरात दिया गया था और ईसाई जिन्हें इंजील दिया गया था, वे अल्लाह के उनकी ओर अपने नबी को भेजने के बाद ही अलग हुए थे। चुनाँचे उनमें से कुछ ने इस्लाम धर्म अपना लिया और उनमें से कुछ अपने नबी की सच्चाई जानते हुए भी अपने कुफ़्र पर क़ायम रहे।