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القدر

आयत 1

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

بِّسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ إِنَّآ أَنزَلْنَـٰهُ فِى لَيْلَةِ ٱلْقَدْرِ ﴿١﴾

हमने क़ुरआन को एकबारगी दुनिया के आकाश (निचले आकाश) पर रमज़ान के महीने में क़द्र की रात में अवतरित किया, इसी तरह उसे नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतारने की शुरूआत भी इसी रात में की।