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الضحى
आयत 2
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱلَّيْلِ إِذَا سَجَىٰ ﴿٢﴾
और रात की क़सम खाई है, जब वह अंधेरी हो जाए और लोग उसमें काम-काज (गति) से रुक जाएँ।
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