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التوبة

आयत 56

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَيَحْلِفُونَ بِٱللَّهِ إِنَّهُمْ لَمِنكُمْ وَمَا هُم مِّنكُمْ وَلَـٰكِنَّهُمْ قَوْمٌ يَفْرَقُونَ ﴿٥٦﴾

(ऐ मोमिनो!) मुनाफ़िक़ तुम्हारे लिए अल्लाह की झूठी शपथ खाकर कहते हैं कि निःसंदेह वे अवश्य तुममें से हैं। हालाँकि वे अंदरूनी तौर पर तुममें से नहीं हैं, भले ही वे यह प्रकट करें कि वे तुममें से हैं। परंतु वे ऐसे लोग हैं जो डरते हैं कि उन्हें उसी क़त्ल और क़ैद का सामना न करना पड़े, जिसका सामना बहुदेववादियों को करना पड़ा। इसलिए वे बचने के लिए इस्लाम को प्रकट करते हैं।