×

التوبة

आयत 41

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ٱنفِرُوا۟ خِفَافًا وَثِقَالًا وَجَـٰهِدُوا۟ بِأَمْوَٰلِكُمْ وَأَنفُسِكُمْ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ ۚ ذَٰلِكُمْ خَيْرٌ لَّكُمْ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ ﴿٤١﴾

(ऐ मोमिनो!) तुम कठिनाई और आराम में, युवा और बूढ़े अल्लाह के मार्ग में जिहाद के लिए निकल पड़ो और अपने धनों और अपनी जानों के साथ जिहाद करो। क्योंकि यह निकलना और धनों और जानों के साथ जिहाद करना, दुनिया एवं आख़िरत के जीवन में, घर में बैठे रहने और जान एवं माल की सुरक्षा से चिपके रहने से ज़्यादा फायदेमंद है। यदि तुम इसका ज्ञान रखते हो, तो इसके लालायित बनो।