तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَقَدْ جَآءَكُمْ رَسُولٌ مِّنْ أَنفُسِكُمْ عَزِيزٌ عَلَيْهِ مَا عَنِتُّمْ حَرِيصٌ عَلَيْكُم بِٱلْمُؤْمِنِينَ رَءُوفٌ رَّحِيمٌ ﴿١٢٨﴾
निःसंदेह तुम्हारे पास (ऐ अरब के लोगो!) तुम्हारे ही वर्ग से एक रसूल आया है, वह तुम्हारी ही तरह एक अरबी है। उसके लिए वह बहुत कष्टदायक है, जिससे तुम्हें कष्ट पहुँचे। वह तुम्हारे मार्गदर्शन का बहुत इच्छुक और तुम्हारा बहुत ध्यान रखने वाला है तथा वह विशेष रूप से ईमान वालों के प्रति बहुत करुणा और दया वाला है।