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الفجر
आयत 30
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱدْخُلِى جَنَّتِى ﴿٣٠﴾
और उनके साथ मेरी जन्नत में दाख़िल हो जा, जिसे मैंने उनके लिए तैयार कर रखी है।
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