तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَا تَحَـٰٓضُّونَ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ ﴿١٨﴾
तथा तुम उस ग़रीब को भोजन कराने के लिए एक-दूसरे से आग्रह नहीं करते हो, जिसके पास खाने के लिए कुछ नहीं होता।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَا تَحَـٰٓضُّونَ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ ﴿١٨﴾