तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَلْيَنظُرِ ٱلْإِنسَـٰنُ مِمَّ خُلِقَ ﴿٥﴾
मनुष्य को चिंतन करना चाहिए कि अल्लाह ने उसे किस चीज़ से पैदा किया है, ताकि उसके लिए अल्लाह की शक्ति और मनुष्य की विवशता स्पष्ट हो जाए।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَلْيَنظُرِ ٱلْإِنسَـٰنُ مِمَّ خُلِقَ ﴿٥﴾