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البروج
आयत 22
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فِى لَوْحٍ مَّحْفُوظٍۭ ﴿٢٢﴾
वह ऐसी तख्ती में अंकित है, जो परिवर्तन, विरूपण, कमी और वृद्धि से संरक्षित है।
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