×
الانشقاق
आयत 18
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱلْقَمَرِ إِذَا ٱتَّسَقَ ﴿١٨﴾
तथा चाँद की (क़सम खाई है), जब वह एकत्रित होकर पूरा हो जाए और चौदहवीं का चाँद बन जाए।
पिछली आयत
अगली आयत