तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فِىٓ أَىِّ صُورَةٍ مَّا شَآءَ رَكَّبَكَ ﴿٨﴾
उसने तुझे जिस रूप में बनाना चाहा, बना दिया। और उसने तुझपर यह उपकार किया कि तुझे गधे, बंदर, कुत्ते या किसी और चीज़ के रूप में नहीं बनाया।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فِىٓ أَىِّ صُورَةٍ مَّا شَآءَ رَكَّبَكَ ﴿٨﴾