तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِن جَنَحُوا۟ لِلسَّلْمِ فَٱجْنَحْ لَهَا وَتَوَكَّلْ عَلَى ٱللَّهِ ۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ ﴿٦١﴾
और यदि वे संधि की ओर झुकें और आपसे लड़ाई करना त्याग दें, तो (ऐ रसूल!) आप भी उसकी ओर झुक जाएँ और उनसे समझौता कर लें, तथा अल्लाह पर भरोसा करें और उसपर विश्वास रखें। क्योंकि वह हरगिज़ आपको असहाय नहीं छोड़ेगा। निःसंदेह वह उनकी बातों को सुनने वाला, उनके इरादों और कार्यों को जानने वाला है।