तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَأَطِيعُوا۟ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ وَلَا تَنَـٰزَعُوا۟ فَتَفْشَلُوا۟ وَتَذْهَبَ رِيحُكُمْ ۖ وَٱصْبِرُوٓا۟ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ مَعَ ٱلصَّـٰبِرِينَ ﴿٤٦﴾
तुम अपने कथनों एवं कार्यों और अपनी सभी स्थितियों में अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करो और आपस में मतभेद न करो। क्योंकि मतभेद तुम्हारी कमज़ोरी और कायरता, तथा तुम्हारी शक्ति के मिट जाने का कारण है। तथा अपने शत्रु से मुठभेड़ के समय धैर्य रखो। निःसंदेह अल्लाह विजय, समर्थन और सहायता के साथ धैर्य रखने वालों के संग है। और अल्लाह जिसके साथ हो, वही अनिवार्य रूप से विजयी और ग़ालिब रहता है।