तफ़सीर अल-मुख़्तसर
كُلُوا۟ وَٱشْرَبُوا۟ هَنِيٓـًٔۢا بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴿٤٣﴾
और उनसे कहा जाएगा : अच्छी चीजें खाओ और ऐसा सुखद पेय पियो, जिसमें कोई अप्रिय तत्व नहीं है। यह उन अच्छे कर्मों का प्रतिफल है, जो तुम दुनिया में किया करते थे।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
كُلُوا۟ وَٱشْرَبُوا۟ هَنِيٓـًٔۢا بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴿٤٣﴾