तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّ هَـٰذَا كَانَ لَكُمْ جَزَآءً وَكَانَ سَعْيُكُم مَّشْكُورًا ﴿٢٢﴾
उनसे उनके सम्मान स्वरूप कहा जाएगा : निश्चय यह नेमत जो तुम्हें दी गई है, तुम्हारे अच्छे कर्मों का प्रतिफल है और तुम्हारे कर्म अल्लाह के यहाँ स्वीकार्य हैं।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّ هَـٰذَا كَانَ لَكُمْ جَزَآءً وَكَانَ سَعْيُكُم مَّشْكُورًا ﴿٢٢﴾