तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَوَارِيرَا۟ مِن فِضَّةٍ قَدَّرُوهَا تَقْدِيرًا ﴿١٦﴾
वे शीशे की तरह चमक रहे होंगे, परंतु वे चाँदी के होंगे। उनका पीने वालों की इच्छा के अनुसार अनुमान लगाया गया होगा, न उससे अधिक और न ही कम।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَوَارِيرَا۟ مِن فِضَّةٍ قَدَّرُوهَا تَقْدِيرًا ﴿١٦﴾