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الجن

आयत 22

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قُلْ إِنِّى لَن يُجِيرَنِى مِنَ ٱللَّهِ أَحَدٌ وَلَنْ أَجِدَ مِن دُونِهِۦ مُلْتَحَدًا ﴿٢٢﴾

आप उनसे कह दें : अगर मैं अल्लाह की अवज्ञा करूँ, तो उसकी पकड़ से मुझे कोई नहीं बचा सकेगा और न मुझे उसके अलावा कोई शरण लेने का स्थान मिल सकेगा।