तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَقُلْتُ ٱسْتَغْفِرُوا۟ رَبَّكُمْ إِنَّهُۥ كَانَ غَفَّارًا ﴿١٠﴾
तो मैंने उनसे कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! अपने पालनहार से उसके समक्ष तौबा करके क्षमा माँगो। निश्चय वह अपने तौबा करने वाले बंदों के गुनाहों को बहुत क्षमा करने वाला है।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَقُلْتُ ٱسْتَغْفِرُوا۟ رَبَّكُمْ إِنَّهُۥ كَانَ غَفَّارًا ﴿١٠﴾