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المعارج
आयत 5
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَٱصْبِرْ صَبْرًا جَمِيلًا ﴿٥﴾
अतः (ऐ नबी) आप ऐसा धैर्य रखें, जिसमें न बेचैनी (घबराहट) हो और न शिकायत के शब्द मुँह से निकालें।
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