तफ़सीर अल-मुख़्तसर
أُو۟لَـٰٓئِكَ فِى جَنَّـٰتٍ مُّكْرَمُونَ ﴿٣٥﴾
जो लोग इन गुणों से विशिष्ट हैं, वे जन्नतों में सम्मानित हों। क्योंकि उन्हें स्थायी नेमतों का आनंद और अल्लाह के चेहरे के दीदार का सौभाग्य प्राप्त होगा।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
أُو۟لَـٰٓئِكَ فِى جَنَّـٰتٍ مُّكْرَمُونَ ﴿٣٥﴾