×
المعارج
आयत 2
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لِّلْكَـٰفِرِينَ لَيْسَ لَهُۥ دَافِعٌ ﴿٢﴾
(वह यातना) अल्लाह का इनकार करने वालों पर आने वाली है। इस यातना को कोई टाल नहीं सकता।
पिछली आयत
अगली आयत