तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱلْوَزْنُ يَوْمَئِذٍ ٱلْحَقُّ ۚ فَمَن ثَقُلَتْ مَوَٰزِينُهُۥ فَأُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُفْلِحُونَ ﴿٨﴾
तथा क़ियामत के दिन कर्मों को न्याय (इंसाफ़) के साथ तौला जाएगा, जिसके साथ कोई अन्याय या अत्याचार नहीं होगा। फिर जिसकी नेकियों का पलड़ा उसके पापों के पलड़े से भारी हो गया, तो वही वे लोग हैं जो अपनी वांछित चीज़ को प्राप्त करने में सफल हो गए और उस चीज़ से बच गए जिसका उन्हें भय था।