×

الأعراف

आयत 170

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَٱلَّذِينَ يُمَسِّكُونَ بِٱلْكِتَـٰبِ وَأَقَامُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ إِنَّا لَا نُضِيعُ أَجْرَ ٱلْمُصْلِحِينَ ﴿١٧٠﴾

और जो लोग पुस्तक को दृढ़ता से पकड़ते हैं और उसमें जो कुछ है उसपर अमल करते हैं, तथा नमाज़ को उसके समय, उसकी शर्तों, उसकी वाजिबात (अनिवार्य कार्यों) और उसकी सुन्नतों की पाबंदी करते हुए अदा करते हैं, अल्लाह क़रीब ही उन्हें उनके कर्मों का बदला देगा। क्योंकि अल्लाह उस व्यक्ति का प्रतिफल बर्बाद नहीं करता, जिसका कार्य अच्छा हो।