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الأعراف

आयत 17

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ثُمَّ لَـَٔاتِيَنَّهُم مِّنۢ بَيْنِ أَيْدِيهِمْ وَمِنْ خَلْفِهِمْ وَعَنْ أَيْمَـٰنِهِمْ وَعَن شَمَآئِلِهِمْ ۖ وَلَا تَجِدُ أَكْثَرَهُمْ شَـٰكِرِينَ ﴿١٧﴾

फिर मैं उनके पास हर तरफ़ से आख़िरत के प्रति अरुचि पैदा करने, दुनिया के प्रति रुचि पैदा करने, दिलों में संदेह डालने और इच्छाओं को सुसज्जित करने के साथ आऊँगा। तथा मैं उनके अंदर कुफ़्र की बात इस क़दर डालूँगा कि तू उनमें से अधिकतर लोगों को अपना आभारी नहीं पाएगा।