तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَقَدْ مَكَّنَّـٰكُمْ فِى ٱلْأَرْضِ وَجَعَلْنَا لَكُمْ فِيهَا مَعَـٰيِشَ ۗ قَلِيلًا مَّا تَشْكُرُونَ ﴿١٠﴾
(ऐ आदम की औलाद!) हमने धरती में तुम्हें अधिकार दिया और उसमें तुम्हारे लिए जीने के साधन बनाए। इसलिए तुम्हें इसपर अल्लाह का शुक्रिया अदा करना चाहिए था, लेकिन तुम बहुत कम शुक्र करते हो।