तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَأَمَّا ثَمُودُ فَأُهْلِكُوا۟ بِٱلطَّاغِيَةِ ﴿٥﴾
जहाँ तक समूद के लोगों की बात है, तो अल्लाह ने उन्हें ऐसी आवाज़ से नष्ट कर दिया, जो तीव्रता और भयावहता में अंत को पहुँच गई थी।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَأَمَّا ثَمُودُ فَأُهْلِكُوا۟ بِٱلطَّاغِيَةِ ﴿٥﴾