तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَمَا مِنكُم مِّنْ أَحَدٍ عَنْهُ حَـٰجِزِينَ ﴿٤٧﴾
फिर तुममें से कोई भी हमें उससे रोक नहीं सकता। इसलिए उसका तुम्हारी ख़ातिर हमपर कोई बात गढ़कर लगाना बहुत दूर की बात है।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَمَا مِنكُم مِّنْ أَحَدٍ عَنْهُ حَـٰجِزِينَ ﴿٤٧﴾