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الحاقة
आयत 29
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
هَلَكَ عَنِّى سُلْطَـٰنِيَهْ ﴿٢٩﴾
मेरा तर्क और वह शक्ति एवं वैभव जिनपर मैं भरोसा किया करता था, सब कुछ मुझसे जाता रहा।
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