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الحاقة

आयत 26

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَمْ أَدْرِ مَا حِسَابِيَهْ ﴿٢٦﴾

और काश मैं अपने हिसाब के बारे में कुछ न जानता।